अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी हितों के टकराव मामले में आरोपों से मुक्त, कपिल देव पर फैसला सुरक्षित

खेल डेस्क. बीसीसीआई के एथिक्स ऑफिसर जस्टिस(रिटायर्ड) डीके जैन ने अंशुमन गायकवाड़ और शांता रंगास्वामी को हितों के टकराव के आरोपों से मुक्त कर दिया है। वहीं, कपिल देव पर फैसला सुरक्षित रखा गया है।

डीके जैन ने कहा, यह दोनों( गायकवाड़ और रंगास्वामी) क्रिकेट सलाहकार समिति से इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में उनके खिलाफ शिकायत खत्म हो गई है। लेकिन कपिल के मामले में शिकायतकर्ता ने अपील दाखिल करने के लिए और वक्त मांगा है। हालांकि, एथिक्स ऑफिसरने इस बात की पुष्टि की है कि उनके केस की सुनवाई खत्म हो गई है।

इन तीनों के खिलाफ मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन(एमपीसीए) के आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता ने शिकायत की थी। उन्होंने दावा किया था कि यह तीनों क्रिकेट से जुड़ी कईजिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। जबकि बीसीसीआई के संविधान के मुताबिक कोई भी व्यक्ति एक ही समय में एक से अधिक पदों पर नहीं रह सकता है।

अंशुमन गायकवाड़ ने एथिक्स ऑफिसर के सामने पेश होकर बात रखी

इसी संबंध में बोर्ड के एथिक्स ऑफिसर ने इन तीनों को 27 और 28 दिसंबर को निजी रूप से पेश होकर अपना पक्ष रखने को कहा था। तीनों में से केवल अंशुमनगायकवाड़ ने उनके सामने पेश होकर अपनी बात रखी थी। हालांकि, यह तीनों पहले ही क्रिकेट सलाहकार समिति से इस्तीफा दे चुके हैं।

सीएसी से इस्तीफा देने के साथ ही महिला क्रिकेटर शांता रंगास्वामीने भारतीय क्रिकेटर्स एसोसिएशन (आईसीए) से भी खुद को अलग कर लिया है। वह इसमें डायरेक्टर थीं। वहीं, गायकवाड़ ने बीसीसीआई की मान्यता समिति से भी इस्तीफा दे दिया है।

कपिल देव भारत का मुख्य कोच चुनने के लिए बनी सीएसी के अध्यक्ष थे

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने पिछले कुछ महीने पहले भारतीय टीम के मुख्य कोच चुनने के लिए क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) बनाई थी। सीएसी में भारतीय टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव, अंशुमन गायकवाड़ और महिला खिलाड़ी शांता रंगास्वामी का नाम शामिल था। इस कमेटी का अध्यक्ष कपिल देव को नियुक्त किया गया था, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री को एक और कार्यकाल दिया।

ऐसा दूसरी बार हुआ है,जब क्रिकेट सलाहकार समिति पर हितों के टकराव के आरोप लगे हैं। इससे पहले सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण की सदस्य वाली एड-हॉक कमेटी पर पर भी इसे लेकर मामला दर्ज हुआ था, जिसके बाद तीनों ने इस्तीफा दे दिया था।



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बोर्ड के एथिक्स ऑफिसर ने कहा- अंशुमन, शांता रंगास्वामी के केस की सुनवाई खत्म। (फाइल)


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