स्कूल गेम्स फेडरेशन सिर्फ हाई प्रायोरिटी गेम्स का नेशनल करा सकता है, अंडर-19 खिलाड़ियों को प्राथमिकता
स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) इस साल सिर्फ ओलिंपिक, हाई प्रायोरिटी और प्रायोरिटी गेम्स का नेशनल टूर्नामेंट करवा सकता है। कोरोना के कारण अभी स्कूल बंद हैं और खिलाड़ियों की प्रैक्टिस भी लगभग ना के बराबर है। एसजीएफआई ने कहा कि गेम्स के आयोजन पर अंतिम फैसला केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद लिया जाएगा। हाल ही में फेडरेशन को भारत सरकार की ओर से मान्यता मिल गई है। पिछले साल 90 से अधिक गेम्स के नेशनल टूर्नामेंट कराए गए थे। इसमें देश भर के 60 हजार से अधिक खिलाड़ी शामिल हुए थे। एसजीएफआई के महासचिव राजेश मिश्रा ने बताया कि अनलॉक-1 के बाद भी अभी स्कूल बंद हैं। सरकार से अनुमति मिलने के बाद एसजीएफआई टूर्नामेंट करा सकता है। सबसे अधिक नेशनल टूर्नामेंट नवंबर से जनवरी के बीच में होते हैं। कोरोना की स्थिति को देखते हुए देरी से अनुमति मिलती है तो भी महत्वपूर्ण खेलों के नेशनल टूर्नामेंट कराए जा सकते हैं। राज्य अपनी टीम खिलाड़ियों के पिछले साल के प्रदर्शन के आधार पर या फिर ट्रायल के आधार पर बना सकते हैं। क्योंकि समय कम होने के कारण उनके पास टूर्नामेंट को आयोजित करने का समय नहीं होगा। अंडर-19 ...